Shubhankar Mishra: एक प्रेरणादायक एंकर की कहानी

(नमस्ते, दोस्तों! आज हम बात करेंगे एक ऐसे शख्स की, जिन्होंने अपनी मेहनत और जुनून से पत्रकारिता की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई। उनका नाम है Shubhankar Mishra, जिन्हें प्यार से लोग Shubh भी कहते हैं। आइए, उनकी प्रेरणादायक जिंदगी और एंकरिंग करियर ग्रोथ की कहानी को Gautam Script की तरह हिंदी में जानते हैं।)
Shubhankar Mishra का जन्म 10 अप्रैल 1993 को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक छोटे से गांव में हुआ।
बचपन से ही Shubhankar पढ़ाई में तेज थे और उनकी सोच कुछ हटके थी। उनके पिता रणवीर मिश्रा चाहते थे कि Shubhankar इंजीनियर बनें। इसीलिए उन्होंने गलगोटियास यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया।
लेकिन शुभांकर का दिल तो पत्रकारिता और एंकरिंग में बसता था। फिल्म “3 Idiots देखने के बाद उन्होंने फैसला किया कि वो अपने सपनों को सच करेंगे, भले ही पिता नाराज हों।
Shubh ने इंजीनियरिंग छोड़कर दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की।
उनकी शुरुआत आसान नहीं थी। नोएडा में रहते हुए उन्होंने अपने पिता से 10,000 रुपये उधार लिए, ताकि किराया और खर्च चला सकें। 2015 में उनकी पहली नौकरी इंडिया न्यूज में मिली जो उनके लिए एक शुभ (Shubh) समाचार था।
इसके बाद वो टीवी9 भारतवर्ष में सीनियर एंकर बने, जहां उन्होंने “सही खबर Shubhankar” शो होस्ट किया।
उनकी सबसे यादगार रिपोर्टिंग थी कारगिल युद्ध की जगह “टाइगर हिल्स” से।
2022 में शुभांकर आज तक न्यूज चैनल से जुड़े, जहां उनकी बेबाक अंदाज और गहरी पत्रकारिता ने उन्हें घर-घर में मशहूर किया।
लेकिन 2023 में उन्होंने आज तक छोड़कर स्वतंत्र पत्रकारिता की राह चुनी।
आज वो यूट्यूब पर अपने चैनल्स—Shubhankar Mishra, न्यूजबुक, और क्रिकेटबुक—के जरिए लाखों लोगों तक पहुंचते हैं।
उनके 15 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जो उनकी विश्वसनीयता को दर्शाते हैं।
Shubhankar की एंकरिंग करियर ग्रोथ में SRISOL का कॉन्सेप्ट भी प्रेरणा देता है।
SRISOL का फुल फॉर्म है Strength, Resilience, Integrity, Skill, Opportunity, Leadership।
शुभांकर की ताकत उनकी मेहनत, लचीलापन उनकी चुनौतियों से लड़ने की क्षमता, ईमानदारी उनकी पत्रकारिता, स्किल उनकी बोलने की कला, अवसर उनकी नई पहल, और नेतृत्व उनकी दर्शकों को प्रेरित करने की शक्ति में दिखता है।
आज Shubhankar न सिर्फ एक एंकर हैं, बल्कि एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, मोटिवेशनल स्पीकर, और 2014 में शुरू किए गए अपने एनजीओ “द स्माइल फाउंडेशन” के जरिए जरूरतमंद बच्चों की मदद भी करते हैं। उनकी शादी पूर्णिमा मिश्रा से हुई, जो उनके करियर में हमेशा साथ देती हैं।
Shubhankar Mishra की कहानी हमें सिखाती है कि अगर दिल में जुनून हो और मेहनत करने की हिम्मत, तो कोई भी सपना असंभव नहीं। शुभ की तरह हमें भी अपने सपनों को हकीकत बनाने के लिए SRISOL के गुणों को अपनाना चाहिए।


